टैली में बनी F11 की सपूर्ण सेटिंग की जानकारी Tally F11 features in Hindi

टैली में बनी  F11  की सपूर्ण सेटिंग की जानकारी  Tally F11 features in Hindi

 हमने टैली में नई कम्पनी बनाना, उसके लिए संचित की गईं सूचनाओं में वांछित परिवर्तन करना तथा कम्पनी को मिटाना सीख लिया है। टैली में किसी कम्पनी पर कोई कार्य करने से उसको बनाया और उसके लक्षणों को निर्धारित किया जाना चाहिए। आइए, अब हम कम्पनी के लक्षणों को निर्धारित करना सीखते हैं। किसी कम्पनी को बनाने के उपरान्त उसके लक्षणों को निर्धारित करने के लिए की-बोर्ड पर फंक्शन 'की' F11 दबाते हैं। अब मॉनीटर स्क्रीन पर पहले Select Item विन्डो का प्रदर्शन होता है, यहां पर प्रदर्शित होने वाली कम्पनीज़ की सूची में से वांछित कम्पनी को चुनकर Enter 'की' को दबाने पर Company Operations Alteration विन्डो का प्रदर्शन होता है।

टैली में बनी  F11  की सपूर्ण सेटिंग की जानकारी Tally me F11 setting ki jankar

इस विन्डो में दिए गए विभिन्न विकल्प केवल इस कम्पनी के लिए ही प्रयुक्त होते हैं। इस विन्डो में किया गया निर्धारण टैली में बनाई गई किसी अन्य कम्पनी के लिए प्रभावी नहीं होता है। इस विन्डो में दिए गए विभिन्न विकल्पों का प्रयोग कम्पनी के एकाउण्टिंग तथा इन्वेन्ट्री प्रणाली के लिए अतिरिक्त लक्षणों का निर्धारण करने के लिए किया जाता है। यह निर्धारण Yes अथवा No उत्तर देकर किया जाता है। 


Company Operations Alteration विन्डो के ऊपरी भाग में दिए गए विकल्प Company Operations Alteration विन्डो के ऊपरी भाग में दिए गए विकल्पों का प्रयोग सामान्य लक्षणों का निर्धारण करने के लिए प्रयोग किया जाता है। 



Tally F11 features in Hindi

1. Integrate Accounts and Inventory - यह विकल्प केवल उसी स्थिति में उपलब्ध होता है, यदि हमने कम्पनी को बनाते समय Maintain के समक्ष Accounts With Inventory को चुना गया हो। यदि हम कम्पनी के एकाउण्ट्स तथा इन्वेन्ट्री को एकीकृत नहीं करना चाहते हैं, तो यहां पर No टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि एकीकृत करना चाहते हैं, तो यहां पर Yes ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


2. Allow Multi-Currency- यदि हमारी कम्पनी के एकाउण्ट्स में एक से अधिक मुद्राओं का प्रयोग किया जाना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि एक ही मुद्रा का प्रयोग किया जाना है, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं। यहां पर एक से अधिक मुद्राओं से आशय है कि हमारा व्यापारिक लेन-देन रुपए के साथ-साथ अन्य मुद्राओं; जैसे-डॉलर, पौण्ड आदि में होना है।


3.Allow Invoicing - यदि हमारी कम्पनी के एकाउण्ट्स में टैली के द्वारा ही सेल्स इनवाइसेज़ को निर्गत किया जाना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं। जब हम यहां पर Yes को चुनते हैं, तो इस भाग में एक अन्य लाइन Separate Discount Column on Invoices प्रदर्शित होने लगती है।


4. Entire Purchases in Invoice Formate- यदि कम्पनी द्वारा की गई परवेज को इनवाइस के रूप में ही रखा जाना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं। 


5. Separate Discount Column on Invoices -  यदि हमारी कम्पनी के एकाउण्ट्स ग्राहकों को कोई छूट दी जानी है और इसको इनवाइस पर एक पृथक कॉलम में प्रिन्ट किया जाना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter की को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


6. Maintain Budget and Controls- यदि हमारी कम्पनी के एकाउण्ट्स में वास्तविक आमदनी और खर्चों की तुलना को हम अपने द्वारा बनाए जाने वाले बजट से करना चाहते हैं, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं चाहते हैं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


7. Allow 0 Valued entries in Vouchers- यदि हमारी कम्पनी के एकाउण्ट्स में लेन-देन के लिए बनाए जाने वाले वाउचर्स, जिनका एमाउण्ट शून्य है, को भी प्रयोग किया जाना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि प्रयोग नहीं किया जाना है, तो यहां पर No. ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


8. Allow Purchase Order Processing- यदि हमारी कम्पनी के एकाउण्ट्स में परचेज़ ऑर्डर की प्रोसेसिंग को भी आवश्यक समझते हैं, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं समझते हैं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं। और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


Allow Sales Order Processing-यदि हमारी कम्पनी के एकाउण्ट्स में सेल्स ऑर्डर की प्रोसेसिंग को भी आवश्यक समझते हैं, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं समझते हैं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


Company Operations Alteration विन्डो के मध्य के बाएं भाग में दिए गए विकल्प


Company Operations Alteration विन्डो के मध्य के बाएं भाग में Accounting Features के अन्तर्गत दिए गए विकल्पों का प्रयोग एकाउण्टिंग से सम्बन्धित विभिन्न लक्षणों का निर्धारण करने के लिए। किया जाता है। ये विकल्प निम्नलिखित हैं


9. Maintain Billwise Details— यदि हमारी कम्पनी के एकाउण्ट्स में बिल के अनुसार डिटेल्स को में भी प्रयोग किया जाना है, अर्थात् एकाउण्ट्स में सभी भुगतान और प्राप्तियों की प्रविष्टि बिल के अनुसार ही किया जाना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


10. (for Non-Trading A/Cs, also) — यदि उपरोक्त लक्षण का प्रयोग अव्यापारिक एकाउण्ट्स के लिए, किए जाने वाले लेन-देन के लिए भी प्रयोग किया जाना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


11. Maintain Cost Centers-यदि हमारी कम्पनी के एकाउण्ट्स में कास्ट सेन्टर्स का भी प्रयो किया जाना है, अर्थात् किसी विशेष बिन्दु अथवा विशेष प्रयोजन पर किए गए खर्चों को प्रदरि किया जाना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो र पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं। 

12. Maintain Cost Centers यदि हमारी कम्पनी के एकाउण्ट्स में कास्ट सेन्टर्स का भी प्रयोग किया जाना है, अर्थात् किसी विशेष बिन्दु अथवा विशेष प्रयोजन पर किए गए खर्चों को प्रदर्शित किया जाना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यह पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


(more than ONE Cost Category)- यदि हमारी कम्पनी के लिए एक से अधिक कास्ट केटेगरीज का प्रयोग किया जाना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


13.Use Rev. Journal & Optional Vouchers—यदि हम अपनी कम्पनी के एकाउण्ट्स में रिवर्स जरनल वाउचर्स की सुविधा का उपयोग करना चाहते हैं, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter की को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं। रिवर्स जरनल वाउचर्स मेमोरेण्डम वाउचर्स से भिन्न तथा जरनल वाउचर्स के समान ही होते हैं परन्तु इनको आवश्यकता पड़ने पर अपने नियमित एकाउण्ट्स में सम्मिलित किया जा सकता है।


14. Use Debit/Credit Notes- यदि हमारी कम्पनी एकाउण्ट्स में डेबिट तथा क्रेडिट नोटस सुविधा का उपयोग करना चाहती है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते है और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


15. Use Invoice mode for Debit Notes— यदि हमारी कम्पनी एकाउण्ट्स में डेबिट नोट्स को इनवाइस की फॉरमेट में उपयोग करना चाहती है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


16. Activate Interest Calculation- यदि हमारी कम्पनी एकाउण्ट्स में लेज़र एकाउण्ट्स की शेष धनराशि पर ब्याज (interest) की भी गणना करना चाहती है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


17. (use advanced parameters)- यदि हमारी कम्पनी एकाउण्ट्स में लेज़र एकाउण्ट्स की शेष धनराशि पर ब्याज (interest) की गणना करने के लिए, उन्नत लक्षण भी आवश्यक हैं, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।



Incomel Expense Stmt instead of P & L—यदि हमारी कम्पनी के एकाउण्ट्स में लाभ-हानि स्टेटमेन्ट (Profit & Loss Statement) के स्थान पर आय-व्यय स्टेटमेन्ट (Income Expense Statement) का प्रयोग किया जाना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter की' को दबाते हैं। और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


18. Maintain Stock Category-यदि हमारी कम्पनी की इन्वेन्ट्री में स्टॉक आइटम्स के लिए स्टॉक केटेगरीज का प्रयोग किया जाना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter की को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


19.Maintain Batch-wise Details—यदि हमारी कम्पनी की इन्वेन्ट्री में स्टॉक आइटम्स की जानकारी उनके बैच के आधार पर की जानी है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter की

को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं। यह सुविधा विभिन्न उत्पादन कम्पनीज़; जैसे-दवाइयां बनाने वाली कम्पनी, गारमेन्ट्स बनाने वाली कम्पनी आदि के लिए अत्यन्त उपयोगी है।


20.(set Expiry Dates for Batches)- यदि हमारी कम्पनी की इन्वेन्ट्री में स्टॉक आइटम्स के बैच के साथ-साथ उनकी एक्सपायरी तिथि की भी जानकारी रखी जानी है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


21. Maintain Multiple Godowns— यदि हमारी कम्पनी की इन्वेन्ट्री के लिए एक से अधिक गोदामों का प्रयोग किया जाना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


22. Use Tracking Numbers — यदि हमारी कम्पनी की इन्वेन्ट्री में एक कम्पनी से दूसरी कम्पनी में स्टॉक आइटम्स इनवाइस के बिना डिलीवरी नोट्स पर ही विस्थापित किए जाने हैं, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


Use Rejection Notes-यदि हमारी कम्पनी की इन्वेन्ट्री में Rejected आइटम्स के लिए अलग से रिकॉर्ड रखा जाना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


23. Use different Actual & Billed Qty-यदि हमारी कम्पनी के एकाउण्ट्स के बिल्स में आइटम्स की संख्या तथा वास्तविक संख्या में किसी अन्तर का प्रयोग किया जाना है: जैसे-हमारी कम्पनी ने दस आइटम्स की खरीद पर एक आइटम मुफ्त देने की योजना बनाई है, तो बिल तो दस आइटम्स का बनता है परन्तु स्टॉक से ग्यारह आइटम कम होते हैं, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter की

24 Use Tracking Numbers–यदि हमारी कम्पनी की इन्वेन्ट्री में एक कम्पनी से दूसरी कम्पनी स्टॉक आइटम्स इनवाइस के बिना डिलीवरी नोट्स पर ही विस्थापित किए जाने हैं, तो यहां Yes टाइप करके Enter की' को दबाते है और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter की को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


25.Use Rejection Notes-यदि हमारी कम्पनी की इन्वेन्ट्री में Rejected आइटम्स के लिए अलग से रिकॉर्ड रखा जाना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter की को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


26.Use different Actual & Billed Qty-यदि हमारी कम्पनी के एकाउण्ट्स के बिल्स में आइटम्स की संख्या तथा वास्तविक संख्या में किसी अन्तर का प्रयोग किया जाना है। जैसे-हमारी कम्पनी ने दस आइटम्स की खरीद पर एक आइटम मुफ्त देने की योजना बनाई है, तो बिल तो दस आइटम्स का बनता है परन्तु स्टॉक से ग्यारह आइटम कम होते हैं, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter की" को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


27 Track Additional Costs of Purchase- यदि हमारी कम्पनी के लिए की गई खरीदारी में बिल के अतिरिक्त अन्य खर्चा: जैसे-एक्साइज ड्यूटी, विभिन्न टैक्सेज़, फ्रेट तथा कॉरटेज आदि को भी जोड़ा जाना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter की को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं। ये अन्य खर्चे हमें अपने आइटम्स की Landing Cost की गणना करने में सहायक होते हैं।


Company Operations Alteration विन्डों के निचले भाग में दिए गए विकल्प Company Operations Alteration विन्डो के निचले भाग में केवल एक विकल्प Ste/ Modify other Company Feature दिया होता है। इस विकल्प द्वारा मिलने वाली सुविधा का उपयोग करने के लिए यहां पर Yes टाइप करके Enter की को दबाते हैं, 

Use Pre-defined Cost Centre Allocations during Entry-यदि हम प्रविष्टि के समय पूर्व परिभाषित कास्ट सेन्टर की स्थिति का प्रयोग करना चाहते हैं, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter की को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं। यह विकल्प तभी प्रदर्शित होता है, जबकि हमने Maintain Cost Centers के सामने Yes चुना हो।


28.Use Multiple Price Levels for Invoicing-टैली में दी गई यह सुविधा हमें समान आइटम के लिए मूल्य के विभिन्न लेवल्स प्रयोग करने की अनुमति प्रदान करती है। उदाहरण के लिए, किसी आइटम का मूल्य डिस्ट्रीब्यूटर, होलसेलर अथवा रिटेलर के लिए भिन्न-भिन्न होता है। यदि इस सुविधा का उपयोग करना चाहते हैं, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं।


* Follow Excise Rules for Invoicing-यदि हमें एक्साइज़ के नियमों का टैली में एकाउण्टिंग के दौरान ही पालन करना है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं और यदि

नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter 'की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं। इस सुविधा का उपयोग करने के लिए यहां पर Yes टाइप करके Enter 'की' को दबाते हैं, इस प्रदर्शन में हमें कम्पनी की एक्साइज से सम्बन्धित विभिन्न सूचनाओं; जैसे—Company Excise Registration or Code Number, Range, Range Address, Division तथा Division Address के बारे में आवश्यक जानकारी को यहां पर प्रविष्ट करना होता है।


29.Enable Cheque Printing-यदि हमें चैक्स की प्रिन्टिंग करनी है, तो यहां पर Yes टाइप करके Enter की को दबाते हैं और यदि नहीं, तो यहां पर No ही रहने देते हैं और Enter की' को दबाकर अगले विकल्प पर आ जाते हैं। इस सुविधा का उपयोग करने के लिए यहां पर Yes टाइप करके Enter की को दबाते हैं, 



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