बर्तन धोएं ज़रा ख़्याल से...

 आ जकल रोजाना के इस्तेमाल में केवल स्टील और पीतल के बर्तन ही नहीं आते हैं। नॉनस्टिक, कांच, - मिट्टी, मेलामाइन जैसे अनेक प्रकार के वर्तन रोज के धुलने वाले बर्तनों में शामिल होते हैं। जैसे सबका उपयोग अलग है, वैसे ही सबके धोने- सहेजने का ढंग भी अलग रखा जाना चाहिए ताकि उन्हें क्षति ना पहुंचे।


आइए जानते हैं बर्तनों को अलग अलग ढंग से कैसे साफ़ करना है।


गलाकर रखें यह बुनियादी बात है, लेकिन इस पर नियमित ध्यान रखना इसलिए जरूरी है, क्योंकि खाना बनाने के बर्तनों में अगर तुरंत पानी डालकर रखा जाए, तो ना सिर्फ धोने में पानी कम लगता है बल्कि धोने में मशक्कत भी कम करनी पड़ती है। नॉनस्टिक भिगोया जाना बेहद जरूरी है क्योंकि इन्हें घिसकर साफ़ नहीं कर सकते।


लकड़ी के बर्तन


लकड़ी के बर्तनों को गलाकर न रखें। इससे उनके फूलने का डर रहता है और गीलेपन के कारण फफूंद भी लग सकती है। इसलिए लकड़ी के बर्तनों को स्पॉन्ज की मदद से धोएं। इससे वे ख़राब नहीं होंगे और आसानी से साफ़ हो जाएंगे।


3 बर्तन छांट लें भारी व बड़े बर्तनों को और हल्के बर्तनों जैसे फाइबर क्रॉकरी आदि को अलग कर लें। एक साथ इन्हें न धोएं। हमेशा पहले हल्के बर्तनों को धोएं फिर भारी बर्तनों को। इन्हें धोकर भी अलग अलग रखें। ऐसा न हो कि धोकर पहले क्रॉकरी रख दें फिर ऊपर बड़े बर्तन ।

सही हो साधन


नॉनस्टिक बर्तन प्लास्टिक के गूंजे से आसानी से और बिना क्षति के साफ़ हो जाते हैं। तार वाले गूंजे से एल्यूमिनियम के बर्तन साफ़ करें। स्टील, कांच व मेलामाइन आदि को नर्म स्पॉन्ज से धोएं।


तेज़ धार वाले अलगे करें


चाकू, छुरी व तेज धार वाले बर्तन अलग कर लें। इन्हें बाक़ी बर्तनों के साथ न मिलाएं। इन्हें पहले ही धोकर अलग रख लें या आख़िर में धोएं। जल्दबाजी में धोने के कारण चोट लगने का ख़तरा व धारदार वस्तुओं से नॉनस्टिक बर्तनों में खरोंच लगने की आशंका भी रहती है।



दाग़ से बचाए


कुछ लोग बर्तनों को धोकर डलिया में ही सूखने रख देते हैं।, इस कारण बर्तनों पर पानी के दाग पड़ जाते हैं। अगर संभव हो, बर्तनों को पानी जाने


के बाद फटाफट पोंछकर रख . दें। इससे दाग़ नहीं पड़ेंगे। अगर नियमित रूप से इतना समय ना दे सकते हों, तो बर्तनों के निथरने का पर्याप्त स्थान मिले ऐसी व्यवस्था रखें। जैसे बड़े भगोने या कुकर को टोकरी में सबके नीचे रखें और ऊपर क्रमानुसार छोटे बर्तन ऐसे जमाएं कि उनसे पानी निथरने की गुंजाइश रहे। इस तरह बर्तन अच्छी तरह से सूख जाएंगे।


6 प्लास्टिक के बर्तन प्लास्टिक और मेलामाइन के बर्तनों को स्पॉन्ज की मदद से साफ़ करें। अगर धोने के बाद भी पीलापन रह जाता है, तो नींबू पर नमक डालकर रगड़ें। इससे बर्तनों का पीलापन निकल जाएगा और दुर्गंध भी नहीं आएगी।


कांच के बर्तन


7 आजकल कांच के बर्तनों का चलन बढ़ा है, फिर चाहे केतली हो, बोल हो या सिपर हो। ये दिखने में काफ़ी अच्छे लगते हैं लेकिन इनका ख़्याल भी रखना पड़ता है। इन्हें इस्तेमाल के बाद तुरंत धोकर पोंछकर रख दें अन्यथा टूटने का डर रहता है।



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